कल तक जब हम नहीं जानते थे तो अच्छा था
आज जब जान गए हैं तो भूल जाने को जी चाहता है
कल नादाँ थे तो अच्छा था
आज समझ खोने को जी चाहता है
रोया तो बचपन में भी किया करते थे
आज न जाने क्यों फिर रोने को जी चाहता है
याद आती है वो सुबह जब बेफिक्र घूमा करते थे
न कल की थी फ़िक्र न आज की चिंता
कल जो गुजर गया वो चला गया
पर पता नहीं उससे आज मानने को जी चाहता है
जिंदगी तो पायी है हमने
अब जीवन पाने को जी चाहता है
आज जब जान गए हैं तो भूल जाने को जी चाहता है
कल नादाँ थे तो अच्छा था
आज समझ खोने को जी चाहता है
रोया तो बचपन में भी किया करते थे
आज न जाने क्यों फिर रोने को जी चाहता है
याद आती है वो सुबह जब बेफिक्र घूमा करते थे
न कल की थी फ़िक्र न आज की चिंता
कल जो गुजर गया वो चला गया
पर पता नहीं उससे आज मानने को जी चाहता है
जिंदगी तो पायी है हमने
अब जीवन पाने को जी चाहता है

